मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार श्री हरीश चंद्र चंदोला के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत की आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री ने स्व.श्री चंदोला के निधन को पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को माँ डाट काली मन्दिर, देहरादून में सपरिवार पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को माँ डाट काली मन्दिर, देहरादून में सपरिवार पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कन्या पूजन भी किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के तहत उत्तराखण्ड में चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के तहत उत्तराखण्ड में चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने डाटकाली के निकट एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य एवं डाटकाली में बन रहे टनल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों से कार्य प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कार्यदाई संस्थाओं को निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से सबंधित जो भी कार्य होने हैं, उनमें तेजी लाने के लिए एनएचएआई को जो भी आवश्यक सहयोग चाहिए होगा, राज्य की ओर से दिया जायेगा, ताकि कार्यों में किसी भी प्रकार से विलंब न हो। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उत्तराखण्ड में होने वाले कार्यों के लिए रात्रि में भी अनुमति दी गई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र दो से ढ़ाई घण्टे में पूर्ण होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से उत्तराखण्ड को बहुत फायदा होगा। दिल्ली और उसके आस-पास के लोगों को उत्तराखण्ड आने में काफी सुगमता होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में जिस तेज गति से सड़क कनेक्टिविटी बढ़ रही है। इससे आने वाले समय में राज्य में आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आयेगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कार्य कर रहे श्रमिकों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने एनएचएआई के अधिकारियों से कहा कि इन श्रमिकों के स्वास्थ्य, रहने एवं खाने की व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा जाए।
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि मार्च 2024 तक एक्सप्रेसवे के कार्यों को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रयास किये जा रहे हैं, कि उससे पूर्व ही ये कार्य पूर्ण किये जाएं।
इस अवसर पर चीफ इंजीनियर लोक निर्माण विभाग श्री अयाज अहमद, जिलाधिकारी देहरादून श्रीमती सोनिका, अपर सचिव श्री विनीत कुमार एवं एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मन की बात कार्यक्रम का 99 वां संस्करण सुना।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मन की बात कार्यक्रम का 99 वां संस्करण सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मन की बात कार्यक्रम में अंगदान जैसे पुण्य कार्य से दूसरे लोगों के जीवन को सहारा देने की बात कही है । मुख्यमंत्री ने कहा अंगदान के क्षेत्र में हम सभी को आगे बढ़ना होगा, जिससे अनेक लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात भी प्रधानमंत्री जी ने मन की बात में की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य में भी लगातार कार्य हो रहे है, उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस दिशा में और प्रयास किए जाय। राज्य सरकार द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का मन की बात कार्यक्रम हमेशा प्रेरणादाई होता है। 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री जी के मन की बात का 100वां संस्करण होगा। इससे इस कार्यक्रम की लोकप्रियता को समझा जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश, एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल भी उपस्थित थे।
चारधाम यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढीकरण के लिए 50 हेल्थ ए.टी.एम चिन्हित
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं निदेशक कार्पोरेट अफेयर एण्ड सी.एस.आर. हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज (H.P.E) के मध्य 50 हेल्थ ए.टी.एम. को गढ़वाल मण्डल के चिन्हित चिकित्सा इकाईयों में स्वास्थ्य स्क्रीनिंग हेतु अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा में हेल्थ ए.टी.एम. की सुविधा होने से श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी। चारधाम यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढीकरण के लिए यह एक अच्छा कदम होगा। मुख्यमंत्री ने मानस खण्ड स्थित पवित्र स्थानों मानसरोवर यात्रा, बैजनाथ धाम, कैंची धाम, पूर्णागिरी, चितई धाम के लिए भी हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज हेल्थ ए.टी.एम. सुविधा प्रदान करने की अपेक्षा की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केदारखण्ड की तर्ज पर मानस खण्ड हेतु भी सी.एस.आर. के अन्तर्गत ये सेवायें हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज जनहित में प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां न हो, इसके लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है।
हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज के निदेशक श्री अंकुर मल्होत्रा ने कहा कि सी.एस.आर. के अन्तर्गत उपलब्ध कराये जा रहे हेल्थ ए.टी.एम. द्वारा 70 से अधिक परीक्षण किये जा सकेंगे एवं टेली मेडिसिन सेवायें भी प्रदत्त की जायेंगी। हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज के द्वारा 24 घण्टे ये सेवायें प्रदान की जायेंगी। सभी उपकरण स्थापित होने से आगामी 03 माह तक हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज के इंजीनियरों द्वारा हेल्थ ए.टी.एम. की देखरेख की जायेगी। अद्यतन हेल्थ ए.टी.एम. हेतु 01 वर्षीय सी.एम.सी. सेवायें भी हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज द्वारा प्रदान की जायेंगी। हेल्थ ए.टी.एम. का शुभारम्भ 24 अप्रैल 2023 को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।
इस अवसर पर सचिव श्री शैलेश बगोली, डा.आर.राजेश कुमार, अपर सचिव श्रीमती अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता शाह, निदेशक स्वास्थ्य डा. सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. आशुतोष सयाना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय जैन, संयुक्त सचिव श्री महावीर सिंह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रतिनिधि डा. अजय नागरकर, हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज के कार्पोरेट अफेयर हेड श्री सुशील भाट्ला, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर श्री ईशान अग्रवाल, सी.एस.आर. एवं श्री विवेक अग्रवाल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में उत्तराखंड की बेटी दिव्या नेगी को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में उत्तराखंड की बेटी दिव्या नेगी को सम्मानित किया। दिव्या नेगी ने नई दिल्ली में नेशनल यूथ पार्लियामेंट फेस्टिवल में भारत में जी -20 का प्रतिनिधित्व : एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य विषय पर भाषण दिया था, जिसे काफी सराहना मिली।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दिव्या नेगी को राज्य सरकार की उपलब्धि पर आधारित पुस्तक ’एक साल नई मिसाल’ एवं ’मोदी @20 ड्रीम मीट डिलीवरी’ पुस्तक भेंट की।
जन भावनाओं का सम्मान तथा जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है : मुख्यमंत्री।
- जन भावनाओं का सम्मान तथा जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है : मुख्यमंत्री।
- प्रदेश के विकास हेतु हमारी नीति और नीयत है स्पष्ट :मुख्यमंत्री।
- रायपुर विधानसभा क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिये बनाया जायेगा मास्टर प्लान।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर विधानसभा क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिये मास्टर प्लान तैयार किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मालदेवता क्षेत्र के विकास के लिए अनेक घोषणाएं की। जिसमे रायपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत रायपुर शाखा, विद्युत वितरण खण्ड के अन्तर्गत बैंक कालोनी से एल०आई०सी० बिल्डिंग तक 33 के०वी० हाइटेन्शन लाईन को भूमिगत करने, रायपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत मुख्य सड़कों के किनारे सिचाई विभाग की गुलों को भूमिगत करने, रायपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वार्ड सं0-50 राजीव नगर के अन्तर्गत देवाचंल विहार में सीवर लाईन बिछवाये जाने, रायपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत रायपुर-मालदेवता रोड पर बह रहे चश्मे (प्राकतिक स्त्रोत) मिंयावाला में इण्टर कालेज व गन्ना सेन्टर के समीप भूमि पर तथा दुल्हनी नदी के पुल के निकट सिचांई विभाग की भूमि पर पर्यटन केन्द्र / वाटर पार्क के रूप में विकसित करने, क्षेत्र के विभिन्न पार्कों का सौन्दर्यीकरण किये जाने, पुलिया नं0 6 के समीप सिंचाई विभाग की भूमि पर वाटर पार्क का निर्माण, ग्राम पंचायत द्रोण द्वारा के मजरा कुण्ड घराट से बघर तक सड़क निर्माण कार्य अस्थाई खण्ड, लोक निर्माण विभाग, ऋषिकेश द्वारा किये जाने, खैरीमानसिंह में बाल्दी नदी के किनारे ग्रामसभा की भूमि पर खेल मैदान विकसित किया जाना शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक साल पूर्व उत्तराखंड के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा था जब पहली बार कोई सरकार चुनावों के बाद पुनः सत्ता में आई। यह जनता के आशीर्वाद एवं प्रेम से संभव हो सका। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से कर्म और मर्म का संबंध है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पिछले 8 वर्षों में प्रदेश को 1.50 लाख करोड़ की योजनाओं की सौगात मिली है। केदारनाथ पुननिर्माण, बद्रीनाथ सौंदर्यीकरण, चारधाम सड़क परियोजना से प्रदेश में सुनियोजित विकास की राज प्रशस्त हुई है।
प्रदेश सरकार अंत्योदय की भावना के साथ गरीबों का जीवन आसान बनाने के लिए गुड गवर्नेंस के साथ कार्य कर रही है। इस एक साल में देवभूमि उत्तराखंड की आन-बान और शान बढ़ी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य ने प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। हमारी ये प्रगति की यात्रा, ये उन्नति की यात्रा और ये विकास की यात्रा आगे भी अनवरत जारी रहेगी। राज्य सरकार ने विधानसभा रायपुर में सुनियोजित विकास कराए जाने के लिए अलग से मास्टर प्लान भी बना रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य है उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना और हम इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विकल्प रहित संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और इसके लिए हम दिन रात कार्य कर रहे हैं। हमारे लिए राज्य की जनता सर्वोपरि है और हमारा हर एक फैसला जन भावनाओं के आधार पर लिया जाता है। राज्य सरकार पलायन, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे विषयों पर ऐसी ठोस नीतियां बनाने का कार्य कर रही है जो आने वाले वर्षों में ’’आत्म निर्भर उत्तराखण्ड’’ के हमारे संकल्प को सिद्ध करेंगी। उन्होंने कहा हमारी नीति और नियत दोनों स्पष्ट हैं, इसीलिए आज उत्तराखंड में पहले से कहीं अधिक युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं, आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज मिल रहा है, गरीबों के प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास मिल रहा है और जरूरतमंदों को राशन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड प्रत्येक क्षेत्र में विकास के हर मापदंड को छू रहा है, वो चाहे हमारे प्रदेश की पहले से अधिक मजबूत होती जीडीपी हो, या पहले से दुगुनी प्रति व्यक्ति आय ।उन्होंने कहा आज उत्तराखंड राज्य में हो रहे बदलाव को प्रत्येक व्यक्ति देख रहा है आज हम प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा राज्य आत्मनिर्भरता की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने तय किया है कि जिन योजनाओं का शिलान्यास होगा, उनका लोकार्पण भी हमारे द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून , समान नागरिक आचार संहिता का मसौदा तैयार, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाया। साथ ही आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण, अंत्योदय परिवारों को तीन मुफ्त गैस के सिलेंडर, प्रदेश की महिलाओं के लिये क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करने एवं नई शिक्षा नीति और नई खेल नीति लागू करने का कार्य भी हमारी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा जिन कार्यों को पूर्व की सरकारें इच्छा शक्ति न होने के कारण असंभव कहती थीं, उन कार्यों को धामी सरकार ने संभव करके दिखाया है। उन्होंने कहा हमारे लिए प्रदेश और प्रदेश के हित सर्वोपरि है और जब तक हमारी सरकार है हम किसी भी वर्ग का अहित नहीं होने देंगे। हमारा लक्ष्य तय है और हमें अपने उन लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति को सुनिश्चित करना है।
विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ ने मुख्यमंत्री को 1 वर्ष के सफल कार्यकाल पर बधाई देते हुए उन्हें त्वरित निर्णय लेने वाला जन नेता बताया। उन्होंने रायपुर क्षेत्र के लिए समय-समय पर मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत की गई विकास योजनाओं के लिए भी आभार व्यक्त किया।
इस दौरान जिलाधिकारी सोनिका, विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मालदेवता क्षेत्र में भ्रमण के दौरान मालदेवता फार्म में रायपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं आमजन से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनी।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मालदेवता क्षेत्र में भ्रमण के दौरान मालदेवता फार्म में रायपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं आमजन से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु मौके पर उपस्थित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान विधायक उमेश शर्मा काऊ जिलाधिकारी सोनिका, विभिन्न पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य लोग मौजूद।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में मसूरी पेयजल एवं सीवर लाइन सहित मसूरी के सौंदर्यीकरण एवं विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में मसूरी पेयजल एवं सीवर लाइन सहित मसूरी के सौंदर्यीकरण एवं विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले मसूरी के सौंदर्यीकरण कार्यों को पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि विद्युत लाइनों एवं अन्य केबलों को अंडरग्राउंड करने के साथ ही मॉल रोड के पक्कीकरण का कार्य 20 अप्रैल तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि टॉयलेट्स आदि का निर्माण भी समय से पूरा कर लिया जाए।मुख्य सचिव ने कहा कि मसूरी पेयजल लाइन की टेस्टिंग का कार्य मार्च अंत तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल लाइन निर्माण कार्य समय से पूर्ण करने हेतु 2 शिफ्टों में कराया जाए। गर्मियों में पानी की समस्या को देखते हुए इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सीवर लाइन के निर्माण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष एमडीडीए श्री बंशीधर तिवारी एवं अपर सचिव पेयजल श्री उदयराज सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 23 मार्च को रेंजर्स ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके द्वारा की गई घोषणाओं को समयबद्धता के साथ धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 23 मार्च को रेंजर्स ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके द्वारा की गई घोषणाओं को समयबद्धता के साथ धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु को निर्देशित करते हुए कहा कि घोषणाओं को लागू किये जाने के सम्बन्ध में समस्त सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक कर आवश्यक कदम उठाते हुए दिनांक 15 अप्रैल 2023 तक घोषणाओं को प्रभावी / प्रारम्भ करवाना सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि दिनांक 23 मार्च, 2023 को वर्तमान सरकार का एक साल का कार्यकाल पूर्ण हुआ। पिछले 01 वर्ष में राज्य सरकार द्वारा राज्य के विकास एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों में पूर्ण संवेदनशीलता के साथ कार्य किया है। राज्य सरकार आगामी 10 वर्ष का रोडमैप तैयार कर उत्तराखण्ड राज्य के सर्वांगीण विकास एवं समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए संकल्पबद्ध है। इसी लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुये, राज्य सरकार के 01 वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर उनके द्वारा 23 मार्च को रेंजर्स ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महत्वपूर्ण घोषणायें की गयी है। घोषणाओं को समयबद्धता के साथ धरातल पर प्रभावी रूप से उतारा जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने मु्ख्य सचिव को निर्देश दिए कि आवश्यक कदम उठाते हुए 15 अप्रैल 2023 तक घोषणाओं को प्रभावी / प्रारम्भ करवाना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रायपुर क्षेत्र में माह अक्टूबर 2022 में आपदा से प्रभावित सौंग पुल, ग्राम पंचायत खैरी मानसिंह में क्षतिग्रस्त सड़कें व पुश्तों के पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रायपुर क्षेत्र में माह अक्टूबर 2022 में आपदा से प्रभावित सौंग पुल, ग्राम पंचायत खैरी मानसिंह में क्षतिग्रस्त सड़कें व पुश्तों के पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। सौंग पुल के स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नदी में निर्माणाधीन सुरक्षा दीवारों के निर्माण में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सौंग नदी के चैनेलाइज हेतु जल्द से जल्द प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए एवं अन्य सभी आपत्तियों के निस्तारण हेतु शीघ्र शासन स्तर से कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा जिस भी क्षेत्र में अधिक कटाव की स्थिति पैदा हो सकती है वहां पर भी सुरक्षा दीवारों का निर्माण हो एवं चैनेलाइज करने का कार्य तेजी से किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2022 में आपदा के दौरान हुए नुकसान के बाद हुए पुनर्निर्माण कार्य में तेजी से कार्रवाई हुई है। आज उन सभी निर्माण कार्यो का स्थलीय निरीक्षण करते हुए विभिन्न विभागों से समीक्षा रिपोर्ट ली गई है। उन्होंने कहा मानसून से पहले उन सभी क्षेत्रों / नदियों में जहां भी नुकसान होने की संभावना है उन क्षेत्रों में चैनेलाइज की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा मानसून से पहले पानी की निकासी, पहले से पड़े मलबे को हटाने एवं सुरक्षा दीवारों का कार्य प्राथमिकता से किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को ग्राम पंचायत खैरी मानसिंह में क्षतिग्रस्त सड़कें के पुनर्निर्माण एवं रोड के नीचे सुरक्षा दीवार के निर्माण को अति शीघ्र किए जाने हेतु निर्देशित किया।
इस दौरान विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी सोनिका एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूह सृजित कर क्लस्टर आधारित रोजगार प्रदान कर सकते हैं।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने हेतु संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूह सृजित कर क्लस्टर आधारित रोजगार प्रदान कर सकते हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को कार्यों का परिसीमन न करके पूर्ण स्वतंत्रता दी जानी चाहिए। स्वयं सहायता समूहों को मात्र उत्पादन और वितरण जैसे कार्यों में न लगा कर सर्विस सेक्टर से भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को बनाने का उद्देश्य आजीविका प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में बहुत से उत्पाद अन्य बाहरी राज्यों से आयातित किए जा रहे हैं। ऐसे उत्पादों को चिन्हित कर स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उत्पादित कर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाने हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही। साथ ही उत्पादों का वैल्यू एडिशन कर उत्पादों में विविधता लायी जानी चाहिए। उन्होंने विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन कर उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न राज्यों में स्वयं सहायता समूहों को आजीविका से जोड़ने हेतु की जा रही गुड प्रैक्टिसेज का अध्ययन कर प्रदेश में लागू किए जाने की दिशा में भी कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से कराए जाने वाले विभिन्न कार्यों और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कार्यों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराए जाने पर विचार अवश्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने हेतु मार्केटिंग, बाजार उपलब्ध कराए जाने के साथ ही उत्पादों का संग्रहण और ट्रांसपोर्टेशन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पिरुल के ब्रिकेट्स को खाना बनाने के ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके उत्पादन और वितरण में स्वयं सहायता समूहों की सहायता लेकर इस योजना का संचालित किया जा सकता है। इससे एक और जहां जंगलों से पिरूल हटाकर जंगलों को जलने से बचाया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों को रोजगार मिलेगा।
इस अवसर पर सचिव श्री अरविंद सिंह ह्यांकी एवं डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम सहित सम्बन्धित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री आवास परिसर में 22 दिनों के अन्तराल में लगभग 40 किग्रा शहद का उत्पादन हुआ।
मुख्यमंत्री आवास परिसर में शुक्रवार को शहद प्रसंस्करण का कार्य किया गया। मुख्यमंत्री आवास परिसर में 22 दिनों के अन्तराल में लगभग 40 किग्रा शहद का उत्पादन हुआ। मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि मौनपालन को आम जनमानस तक पहुँचाने के लिए विभाग द्वारा आवश्यक कदम उठाये जाएं। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौन पालन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है। राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड के सदस्य श्री अजय सैनी ने मौन पालन के सम्बन्ध में जानकारी दी। उद्यान प्रभारी श्री दीपक पुरोहित ने शहद प्रसंस्करण की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून स्थित नवीन बहुद्देशीय क्रीड़ा भवन, परेड ग्राउण्ड में खेल विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 2019-20 के लिए बैडमिन्टन खिलाड़ी श्री लक्ष्य सेन, वर्ष 2020-21 के लिए एथलेटिक्स खिलाड़ी श्री चन्दन सिंह को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून स्थित नवीन बहुद्देशीय क्रीड़ा भवन, परेड ग्राउण्ड में खेल विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 2019-20 के लिए बैडमिन्टन खिलाड़ी श्री लक्ष्य सेन, वर्ष 2020-21 के लिए एथलेटिक्स खिलाड़ी श्री चन्दन सिंह को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार वर्ष 2019-20 के लिए बैडमिन्टन प्रशिक्षक श्री धीरेन्द्र कुमार सेन, वर्ष 2020-21 के लिए ताईक्वांडो प्रशिक्षक श्री कमलेश कुमार तिवारी, एवं वर्ष 2021- 22 के लिए तीरंदाजी प्रशिक्षक श्री संदीप कुमार डुकलान को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिए जाने पर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार वर्ष 2021-22 से एथलेटिक्स खिलाड़ी श्री सुरेश चन्द्र पाण्डे को सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वर्ष 2021 एवं 2022 के राष्ट्रीय स्तर के 168 पदक विजेता खिलाड़ियों एवं 42 प्रशिक्षकों को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया। खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को कुल 2.08 करोड़ रूपये की धनराशि वितरित की गई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय एंव अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर एवं पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। जब कोई खिलाड़ी अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहा होता है, तो पूरे देश की भावनाएं उससे जुड़ी होती हैं। राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना“ प्रारंभ की गई है। प्रत्येक जिले के 150 बालक और 150 बालिकाओं अर्थात प्रदेश के कुल 3900 उभरते खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। सरकारी नौकरियों में खेल कोटे को भी पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। नई खेल नीति में खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एक नये भारत, शक्तिशाली भारत और समृद्धशाली भारत का निर्माण हो रहा है। खेलों के क्षेत्र में भी भारत का मान सम्मान बढ़ रहा है, दुनिया में कहीं भी खेल का मैदान हो, आज भारत का तिरंगा शान से लहराता हुआ दिखता है। प्रधानमंत्री जी ने देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहलें प्रारंभ की हैं। खेलो इंडिया कार्यक्रम इसी सोच का एक सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। आज देश में खेल प्रतिभाओं को हर स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है और उन्हें बेहतर से बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। जब हम अपना लक्ष्य निर्धारित करते हैं और उस पर आगे बढ़ते हैं, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है, इसके लिए जो जिस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक साल में खेल के क्षेत्र में अनेक निर्णय लिये हैं। राज्य में नई खेल नीति बनाई गई, जिसमें खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा दी जा रही है। पारंपरिक खेलों को भी खेल नीति में जोड़ा है। राज्य के 8 से 14 साल के 3900 बच्चों को प्रतिमाह 1500 रूपये की धनराशि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत दी जा रही है। 2024 में 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखण्ड करेगा।
इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अभिनव कुमार, निदेशक खेल श्री जितेन्द्र कुमार सोनकर उपस्थित थे।
प्रदेश में ईको टूरिज्म और जड़ी-बूटी को दिया जायेगा बढ़ावा
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय स्थित अपने सभागार में प्रदेश में ईको टूरिज्म और जड़ी-बूटी को बढ़ावा दिए जाने के सम्बन्ध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में 70 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र होने के कारण वन प्रदेश की आर्थिकी का महत्त्वपूर्ण संसाधन बन सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वनों को आर्थिकी से जोड़ने की आवश्यकता है। हम वनों एवं पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए ईको टूरिज्म और इनसे प्राप्त होने वाली जड़ी-बूटियों के माध्यम से प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिकी को सुधारने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि ईको टूरिज्म की भांति जड़ी-बूटी को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एवं जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में, जहां भी सम्भव हों, हर्बल विलेज स्थापित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में वन क्षेत्रों में जड़ी-बूटियों की सम्भावनाओं को तलाशते हुए प्रस्ताव तैयार किए जाएं। हितधारकों से संवाद स्थापित कर के इस कार्य में आ रही समस्याओं और उनके निराकरण पर कार्य किया जाए। इसमें वन पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय लोगों को साथ लेकर जड़ी बूटियों का उत्पादन 100 गुना या इससे भी अधिक बढ़ाए जाने की दिशा पर प्रयास किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि जड़ी बूटी के लिए रवन्ना व्यवस्था के सरलीकरण की आवश्यकता है। इसके लिए शीघ्र ही केन्द्र सरकार के नेशनल ट्रांजिट पास से इसे जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जड़ी बूटियों के उत्पादन और चुगान के लिए श्रमिकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इसके लिए पूर्व के शासनादेशों का सरलीकरण भी किए जाने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों को आसान किया जा सके। उन्होंने कहा कि साथ ही साथ जनपद स्तरीय समितियों की वित्तीय एवं अन्य शक्तियों को बढ़ाया जाएगा।
इसके साथ ही मुख्य सचिव ने ईको टूरिज्म से सम्बन्धित पिछली बैठक में बाकी बचे जिलों से भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि ईको टूरिज्म और वनों से प्राप्त होने वाली जड़ी-बूटियों को अधिक से अधिक बढ़ावा देकर रोजगार सृजन किया जा सकता है। उन्होंने रुद्रप्रयाग और हरिद्वार जनपद को ईको टूरिज्म की दृष्टि से काफी संभावनापूर्ण बताया। कहा कि केदारनाथ में मौसम खराब या भीड़ अत्यधिक होने के कारण यात्रियों को लंबे समय तक रुकना पड़ जाता है। ऐसे में इन यात्रा मार्गों के आसपास विकसित किए जाने वाले छोटे-छोटे ईको टूरिस्ट डेस्टिनेशन बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ही हरिद्वार में भी तीर्थ यात्रियों को आसपास के क्षेत्र में ही ईको टूरिज्म और हर्बल पार्क पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को आकर्षित कर सकते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्रों से लगे लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
मुख्य सचिव ने चकराता वन प्रभाग में बनाए गए ईको टूरिज्म और ट्रेकिंग सर्किट ‘थड़ियार मार्च‘ के प्रस्तुतीकरण को देखकर इसी की तर्ज पर अन्य जनपदों में भी इस प्रकार के सर्किट विकसित किए जाने की बात कही।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु एवं सचिव डॉ. बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।
राज्य की पंचम विधानसभा वर्ष 2023 हेतु मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का अभिभाषण
माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत की शक्ति और सामर्थ्य को पूरे विश्व ने पहचाना है, आज हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा है। भारत का डंका पूरे विश्व में बज रहा है। हम सभी पिछले वर्षों में कोविड की भयावहता के साक्षी रहे हैं। लेकिन हमने यह भी देखा है कि कैसे माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने न सिर्फ कोविड को हराया बल्कि अपने कोविड प्रबंधन का लोहा दूसरे देशों को भी मनवा दिया। निःशुल्क वैक्सीन एवं गरीबों को निःशुल्क अनाज दिया गया। प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन, परिवहन व संस्कृति क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़ का राहत पैकेज। चिकित्सा क्षेत्र के लिए 205 करोड़ और महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को 118 करोड़ रूपए का कोविड राहत पैकेज दिया गया। लाभार्थियों के खातों में डीबीटी द्वारा राहत राशि पहुंचाई गई। प्रदेश में कोविड से प्रभावित परिवारों के निराश्रित बच्चों को वात्सल्य योजना का सहारा दिया गया है। ऐसे 6000 से अधिक बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक 3000 रूपये प्रति माह दिये जायेंगे। हमारी सरकार युवाओं के लिए समर्पित सरकार है। हमने भर्ती माफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वाले 60 से ज्यादा लोगों को जेल में डाला है। हमारे युवाओं के साथ कोई धोखा करने की सोचे भी नहीं, इसके लिये हमने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया है। पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता से परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। तीन परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है। अन्य परीक्षाओं का आयोजन जारी केलेण्डर के अनुसार किया जा रहा है। कुछ लोग कह रहे हैं सरकार ने कुछ नहीं किया, मंहगाई बढ़ रही है, पेपर लीक हो रहे हैं।
हां मैं, मानता हूं इतने कम समय में, मैं, सबकुछ नहीं कर सकता। 22 वर्षों में नकल माफियाओं के गिरेबान में हाथ किसने डाला। नकल माफियाओं को जेल में किसने भेजा। नकल विरोधी कानून किसने बनाया। क्या ये सब पहले नहीं किया जा सकता था। विपक्ष को भी पता है, उत्तराखंड का समुचित विकास कोई कर सकता है तो वो मोदी जी के नेतृत्व में धामी ही कर सकता है। हमने समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं को नकल विहीन बनाने का संकल्प लिया है और इसको सिद्धि तक भी ले जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में देहरादून में हुई घटना में जिन युवाओं पर मुकदमें दर्ज हुए, जिन युवाओं को प्रतियोगिता परीक्षाओं में भाग लेना है उनके मुकदमे वापस लिये जायेंगे।
हमने चुनावों से पहले समान नागरिक संहिता का वायदा किया था और जनता जनार्दन से हमें भरपूर आशीर्वाद भी मिला। समान नागरिक संहिता के लिये गठित समिति जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, आमजन आदि से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार कर रही है। हमें खुशी है कि समान नागरिक संहिता के लिये हमें देखकर दूसरे राज्य भी आगे आ रहे हैं। जैसे ही समिति अपना ड्राफ्ट बनाकर सौंपेगी हम उस पर कानून बनाकर आगे बढ़ाया प्रलोभन से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिये हमारी सरकार ने सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है। प्रदेश की महिलाओं को सरकारी नौकरी में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए हमने तीस प्रतिशत महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण देने का जो फैसला लिया था, उसे कानून बनाकर धरातल पर उतारने का कार्य किया है। हमने राज्य आंदोलनकारियों को भी दस प्रतिशत आरक्षण देने को मंजूरी दी है। उत्तराखण्ड आदिकाल से ऋषियों मुनियों की तपस्थली रही है। यहाँ से ज्ञान की गंगा भी निकलती है। ये धरा महर्षि वेद व्यास कालिदास और द्रोणाचार्य की कर्म भूमि रही है। इसी को आगे बढ़ाते हुए हमने स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में देश में लाई गई नई शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू किया। राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई खेल नीति लाई गई है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना में उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह खेल छात्रवृत्ति के साथ ही अन्य सुविधाएं दी जा रही है।
सरलीकरण, समाधान, निस्तारिकरण व संतुष्टि के मंत्र को आधार बनाकर हमारी सरकार आदरणीय मोदी जी द्वारा देश में प्रारंभ की गई सुधारों की एक लंबी श्रृंखला को देवभूमि उत्तराखंड में भी लागू करने का कार्य कर रहे हैं। हमारी सरकार अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ, अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने हेतु कृतसंकल्पित है। अपणि सरकार पोर्टल, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाईन आदि सुधारों के द्वारा कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। हमने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064 लांच किया है। इस एप प्राप्त शिकायतों पर हम गम्भीरतापूर्वक कार्यवाही भी कर रहे हैं। वेदों मे कहा गया है आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्।। अर्थात स्वस्थ रहना परम नियति है और अन्य सभी कार्य स्वास्थ्य द्वारा सिद्ध होते हैं। इसी मूलमंत्र को ध्यान में रखकर हमने प्रदेश में जन स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। आयुष्मान योजना ने इस दिशा में बहुत अच्छे परिणाम दिए हैं। 46 लाख 70 हजार से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। महिला स्वास्थ्यकर्ताओं और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। हमने राज्य में निःशुल्क जांच योजना प्रारम्भ की है। इसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है। इसी के साथ-साथ उधमसिंहनगर जिले में एम्स ऋषिकेश का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
पिछले वर्ष अक्टूबर माह में माननीय प्रधानमंत्री जी ने माणा गांव में आयोजित कार्यक्रम में सीमांत गांवों को देश का पहला गांव बताते हुए उनके विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही थी। हमारी सरकार दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को समर्पित है। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ‘एक जनपद दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलेगी। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का यज्ञ चल रहा है। उत्तराखण्ड भी इस यज्ञ में अपनी ओर से आहुति देने हेतु तत्पर है। केदारखंड के साथ-साथ मानसखंड के मंदिरों का भी विकास किया जा रहा है। प्रथम बार उत्तराखंड की झांकी मानसखण्ड को कर्तव्यपथ पर 26 जनवरी की परेड में प्रथम स्थान। चार करोड़ कांवड़ यात्रियों द्वारा बिना किसी समस्या के कांवड़ यात्रा पूर्ण की गई। 45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा चारधाम यात्रा में की गई, यह संख्या वो है जो जिसे हमने रिकॉर्ड किया।
हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिये होम स्टे योजना बहुत महत्वपूर्ण है। मैं स्वयं जिलों के भ्रमण के दौरान होम स्टे में रूका हूं। हमारी कोशिश है कि प्रदेश के होम स्टे को पर्यटकों की पहली पसंद बना सकें। हमारे यहां बहुआयामी पर्यटन की अपार सम्भावनाएं है। हमें नये पर्यटन स्थल विकसित करने हैं। ऋषिकेश रिवर राफ्टिंग का हब बन चुका है। नए रिवर राफ्टिंग स्थानों के चयन हेतु सर्वे भी किया गया है। अभी हमने चम्पावत के टनकपुर में महाकाली नदी में रिवर राफ्टिंग शुरू की है। मैंने खुद वहां रिवर राफ्टिंग की है। कुछ महीनों में प्रदेश में रिवर राफ्टिंग की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। पौड़ी, नैनीताल सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों मे पैरा सैलिंग, पैरा मोटर आदि खेलों के प्रति भी आकर्षण बढ़ा है। रोपवे जहां कनेक्टिविटी का एक नवीन माध्यम है, उसी के साथ-साथ यह पर्यटकों को भी आकर्षित करता है। कुछ माह पूर्व ही आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे का शिलान्यास किया गया। इनके बनने से श्रद्धालुओं का घंटों का सफर मिनटों में संभव होगा।
हमारा मूल मंत्र है संकल्प से सिद्धि, कृषि बागवानी और सहकारिता से समृद्धि है। हमारी सरकार, किसानों को तीन लाख रूपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रही है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगभग साढ़े चार हजार जैविक क्लस्टरों में काम शुरू किया गया है। जिन किसान भाईयों के पास कृषि उपकरण नहीं हैं, उनके लिए हमने ‘फार्म मशीनरी बैंक’ योजना शुरू की है। इसके लिए 80 फीसदी तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से प्रदेश के लगभग 9 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं।
माननीय प्रधानमंत्री जी के विशेष प्रयासों से वर्ष 2023 को अंतराष्ट्रीय मिलेट वर्ष मोटे अनाजों के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के विजन से भारत के पोष्टिक मोटे अनाजों को विश्व स्तरीय पहचान मिल रही है। हम भी अपने प्रदेश में मंडुवा, झंगोरा आदि स्थानीय मोटे अनाजों को बढ़ावा दे रहे हैं। स्टेट मिलेट मिशन को मंजूरी दी गई है। किसानों से 3578 (तीन हजार पांच सौ अठहतर) रूपये प्रति क्विंटल मंडुवा खरीदा जा रहा है और राशन कार्ड धारक को 1 किलो पौष्टिक मंडुवा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। मध्याह्न भोजन योजना में मंडुवा और झंगोरा भी दिया जाएगा। इससे एक ओर हमारे किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी वहीं पौष्टिक अनाज लोगों के लिये स्वास्थ्यवर्धक रहेगा ।
नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 31 नये सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण और 06 एसटीपी का अपग्रेडेशन किया गया। गंगा नदी में प्रदूषण के रोकथाम के लिये 128 नालों को टैप किया गया। उत्तराखण्ड के 5 शहरों का चयन स्वच्छ भारत मिशन में होने पर सम्मानित किया गया। हमने पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय बढ़ाकर 500 रूपये किया। ई-वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक दोपहिया और चार पहिया वाहनों की खरीद पर प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। हमने बड़ी पहल करते हुए व्यावसायिक भवनों की पार्किंग में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये चार्जिंग की व्यवस्था को अनिवार्य किया है।
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत बिजली से वंचित सभी गांवों का शतप्रतिशत विद्यतिकरण किया जा चुका है। जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना को केंद्र से निवेश स्वीकृति मिल चुकी है। 120 मेगावाट की व्यासी जल विद्युत परियोजना का निर्माण पूरा किया जा चुका है। हमें केंद्र से 300 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत की स्वीकृति मिली है। 300 मेगावाट की लखवाड़ जल विद्युत परियोजना का कार्य शीघ्र शुरू किया जायेगा।उत्तराखण्ड देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है। देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना की जा रही है। हमारी सरकार, शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित कर रही है। विशिष्ट सेवा पदक से अलंकृत सैनिकों को अनुमन्य राशि में कई गुना बढ़ोतरी की गई है।
इस वर्ष हमें जोशीमठ भू धंसाव जैसी प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा। लेकिन स्थानीय लोगों के सहयोग से सरकार द्वारा कुशल प्रबंधन तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को सुनिश्चित करते हुए किसी प्रकार की जीवन हानि नहीं होने दी गई। इस कार्य में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग राज्य सरकार को मिला है। हमारी सरकार सभी पर्वतीय शहरों की धारण क्षमता की स्थिति के निर्धारण हेतु एक व्यापाक सर्वे कराने हेतु कार्य कर रही हैं। विस्थापितों के पुनर्वास के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के साथ ही राहत पैकेज देने की घोषणा की है।
कोविड महामारी के बाद और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जहां विश्व की अर्थव्यवस्था धाराशायी हो गई, वहीं भारत की अर्थव्यवस्था उभरकर सामने आई है। हमारे विपक्ष के साथी जब महंगाई की बात करते हैं तो वह यह भूल जाते हैं कि आज विश्व के बड़े-बड़े देश महंगाई की मार से जूझ रहे हैं, तब भारत ने महंगाई की दर स्थिर रखने में सफलता प्राप्त की है। अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का अनुमान है कि 2025 तक भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तथा 2027 तक 5.4 लाख करोड़ डालर के आकार के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। उत्तराखण्ड में भी एक ओर जहां प्रति व्यक्ति आय में पिछले वर्ष के मुकाबले दस प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश जी.एस.टी. के संग्रह की वृद्धि दर में उत्तराखण्ड टॉप 06 राज्यों में आ चुका है। राज्य में एस.जी.एस.टी. संग्रह की वृद्धि 32 प्रतिशत रही है। इससे साफ तौर पर पता चलता है कि उत्तराखण्ड में लोगों द्वारा खर्च बढ़ा है। मुख्यमंत्री रिफिल योजना के तहत राज्य के करीब पौने दो लाख गरीब परिवारों को साल में तीन सिलेंडर मुफ्त रिफिल दिये जा रहे हैं, जिससे रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़े हुए गैस के दामों से गरीब परिवारों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
यह बजट जहां हमारे दृष्टि पत्र के आधार पर बनाया गया है, वहीं हमने आपका बजट-आपका सुझाव कार्यक्रम के आधार पर इस बजट में जनता को भी सीधा भागीदार बनाया है। इस बजट में हमने रोजगार, स्वरोजगार, शिक्षा, नारी सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सा, युवा कल्याण, कृषि, उद्योग, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, सिंचाई जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। मैं, इस लीक से हटकर बनाए गए बजट का अध्ययन करने का आप सभी से आह्वान करता हूं तथा जिससे जनता तक इसके प्रावधानों को प्रचारित और प्रसारित किया जा सके। यह बजट नहीं बल्कि नए उत्तराखंड बनाने का अर्थ संकल्प है और आचार्य चाणक्य की अर्थ प्रबंधन को लेकर दी गई परिकल्पना के अनुरूप है। बजट में स्वरोजगार एवं रोजगार हेतु विशेष प्राविधान किये गये हैं। उद्यान विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 815.66 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पॉलीहाउस हेतु रू0 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।मिशन एप्पल योजना के अन्तर्गत रू0 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राजकीय नियुक्तियों हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करायी गयी है। जिस हेतु राज्य लोक सेवा आयोग के अन्तर्गत रू0 133.53 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उद्योग विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 461.31 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वर्क फोर्स डेवलेपमेंट हेतु 100 करोड़ रूपये व्यय किये जाएंगे। प्रमोशन ऑफ इंवेस्टमेंट स्टार्ट अप और इंटेरप्रीनियरशिप योजना हेतु रू0 30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विभिन्न नीतियों के तहत उद्योगों को अनुदान हेतु रू0 26 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हेतु रू0 40 करोड़ व्यय किये जाएंगे। पर्यटन विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 302.04 करोड़ का प्रावधान किया गया है।उत्तराखण्ड राज्य पर्यटन विकास परिषद हेतु रू. 63.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पर्यटन विकास के अवस्थापना निर्माण हेतु रू. 60.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है। टिहरी झील का विकास के निर्माण हेतु रू. 15.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है। चार धाम यात्रा/मार्गों पर आधारभूत सुविधाओं का निर्माण/विकास हेतु रू. 10.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पर्यटन विभाग अन्तर्गत चारधाम एवं विभिन्न स्थानों हेतु भूमि क्रय हेतु रू. 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। शिक्षा एवं युवा कल्याण विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 10459.55 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उत्कृष्ट क्लस्टर विद्यालय हेतु रू0 51 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना में छात्रवृत्ति हेतु रू0 11 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पी.एम श्री योजना हेतु रू0 92.78 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 1294.15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मिलेट मिशन हेतु रू0 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। स्थानीय फसलों में प्रोत्साहन हेतु रू0 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 4217.87 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अटल आयुष्मान हेतु रू0 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मेडिकल कॉलज तथा नर्सिंग कॉलेज के निर्माण हेतु रू0 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है। समाज कल्याण, महिला एवं बाल कल्याण विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 2850.24 करोड का प्रावधान किया गया है।निराश्रित विधवा पेंशन हेतु रू0 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। किसान पेंशन योजना हेतु रू 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नंदा गौरा योजना हेतु रू0 282.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान योजना हेतु लगभग रू0 26.72 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना हेतु रू० 23 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना हेतु रू0 19.95 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
पिछले वर्ष आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने 21वी सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम विकल्प रहित संकल्प के आधार पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के सहयोग से हम समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करने में सफल होंगे। आप सभी को ज्ञात ही है कि आदरणीय मोदी जी ने वर्ष 2023 को मिलेट वर्ष की संज्ञा दी है। हम आदरणीय मोदी जी के इसी विजन के अनुरूप ही पौष्टिकता से भरपूर उत्तराखंड के मोटे अनाज को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। हम सभी के लिए आज मोटे अनाज का ही लंच तैयार कराया गया था और मुझे पूरी उम्मीद है कि आप सभी उत्तराखंड की माटी से उपजे इस पौष्टिक मोटे अनाज से बने हुए भोजन का अवश्य आनंद उठाया होगा।
अंत में, इस बजट भाषण के दौरान स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन जी द्वारा लिखी गई इन पंक्तियों के साथ मैं, आप सभी के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड की देवतुल्य जनता को यह बताना चाहता हूं कि राह लंबी है, डगर कठिन है, लक्ष्य दूर है, लेकिन संकल्प दृढ़ है और हम अपने इस विकल्प रहित संकल्प के द्वारा आप सभी के सहयोग से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाकर ही दम लेंगे।
आज अपने स्वप्न को मैं, सच बनाना चाहता हूं,
दूर की इस कल्पना के, पास जाना चाहता हूं,
दूर की इस कल्पना के, पास जाना चाहता हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रैल 2022 से दिसम्बर 2022 तक 5858 किमी के मार्गों को पैच मरम्मत पूर्ण किया गया। वर्ष 2023-24 के बजट में पीएमजीएसवाई के मार्गों के मरम्मत के लिए 150 करोड़ रूपये का प्राविधान किया गया है। इसके साथ ही लोक निर्माण के अनुरक्षण में 97 प्रतिशत की वृद्धि कर 850 करोड़ रूपये का प्राविधान किया गया है। विकास प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक भूमि उपयोग में मानचित्र स्वीकृति की स्व प्रमाणन प्रक्रिया लागू की गई। विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में एकल आवासीय मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल करने की कार्यवाही की जा रही है। मलिन बस्तियों के सुधार एवं अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए विकास शुल्क का 10 प्रतिशत धनराशि का प्राविधान किया गया है। विधायक निधि 3.75 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ कर दी गई है। गैरसैंण में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए जितनी धनराशि की आवश्यकतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। हमारा संकल्प है कि हल्द्वानी में एक अच्छा अंतरराष्ट्रीय स्तर का बस अड्डा बनेगा। शहीदों आंदोलनकारियों का सम्मान हमारी पहली प्राथमिकता है। माननीय विधायकों से जो हमने प्रस्ताव लिए हैं वह प्रस्ताव को 5 वर्ष की दीर्घकालिक योजना के अंतर्गत है और उनको आगे बढ़ा रहे हैं। ड्रग्स के क्षेत्र में हम लगातार संवेदनशील हैं, 2025 तक हमने ड्रग्स फ्री उत्तराखंड का संकल्प लिया है वह संकल्प भी हम तेजी से पूरा करेंगे, इसके लिए टास्क फोर्स बनाया दी गई है।
मुख्यमंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज भराड़ीसैंण में सुदृढ़ीकरण, आर्ट-क्राफ्ट कक्ष एवं पुस्तकालय कक्ष का किया लोकार्पण
- गैरसैंण(भराड़ीसैण) क्षेत्र को प्राथमिकता के आधार पर बढ़ा रहे आगेः मुख्यमंत्री
- मुख्यमंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज भराड़ीसैंण में सुदृढ़ीकरण, आर्ट-क्राफ्ट कक्ष एवं पुस्तकालय कक्ष का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम जो छात्र देखने से रह गए अगर वह अभी भी उसे देखेंगे तो उनका बहुत अच्छा मार्ग-दर्शन होगा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में ये बच्चे देश-प्रदेश का नाम रोशन करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी इतिहास बनाया वे सब सामान्य स्थिति में पले बढ़े हैं। नई शिक्षा नीति में आज बहुत सारे काम हो रहे हैं। नई शिक्षा नीति लागू करने वाले उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। क्षेत्रीय विधायक श्री अनिल नौटियाल की निधि से विद्यालय के सामान हेतु 5 लाख रुपये दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर हम इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक श्री अनिल नौटियाल आदि उपस्थित रहे।
मांगल गीतों के बीच मुख्यमंत्री ने लिया पहाड़ी व्यंजनों का आनंद
- मांगल गीतों के बीच मुख्यमंत्री ने लिया पहाड़ी व्यंजनों का आनंद
- भराड़ीसैंण में अयोजित हुआ श्री अन्न भोज
गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान आज कृषि विभाग की ओर से भराड़ीसैंण में श्री अन्न (मिलेट) भोज का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस दौरान मांगल गीत के बीच पहाड़ी व्यंजनों का आनंद लिया।
कृषि विभाग की ओर से आयोजित मिलेट भोज में तमाम पहाड़ी व्यंजन परोसे गए जिनमें कोदे की रोटी, अरसा, झंगोरे की खीर, गैत का फानू, लाल चावल, आलू के गुटके बनाए गए थे। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी, वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने एक ही टेबल पर इन तमाम व्यंजनों का आनंद लिया। विधायकगण, अधिकारी, कर्मचारियों, मीडिया सहित बडी संख्या में लोग श्री अन्न भोज में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को प्रातः भ्रमण के दौरान विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण के मुख्य मार्ग पर सफाई कर रहे स्वछता कर्मियों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को प्रातः भ्रमण के दौरान विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण के मुख्य मार्ग पर सफाई कर रहे स्वछता कर्मियों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विधानसभा सत्र में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों से भी वार्ता की एवं उनके खाने, रहने से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री स्थानीय ग्रामीणों से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने स्थानीय समस्याओं की जानकारी भी ली।
बच्चों को लोक संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ने के लिए बालपर्व के रुप में संस्थागत तौर पर मनाया जायेगा फूलदेई
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बच्चों संग भराड़ीसैंण में मनाया लोकपर्व फूलदेई
बच्चों को लोक संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ने के लिए बालपर्व के रुप में संस्थागत तौर पर मनाया जायेगा फूलदेई
उत्तराखण्ड के लोक पर्व फूलदेई के अवसर पर गुरूवार को भराड़ीसैंण स्थित मुख्यमंत्री आवास में क्षेत्र के बच्चों ने पारम्परिक मांगल गीतों के साथ रंग-बिरंगे प्राकृतिक पुष्पों की वर्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी को इस पावन पर्व की शुभकामना देते हुए कहा कि किसी भी राज्य की संस्कृति एवं परंपराओं की पहचान में लोक पर्वों की अहम भूमिका होती है। हमें अपने लोक पर्वों एवं लोक परम्पराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में लागातार प्रयास करने होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को अपनी लोक संस्कृति और लोक पंरपराओं से जोड़े रखने के लिए लोक पर्व फूलदेई को आने वाले समय में संस्थागत तरीके से बाल पर्व के रूप में वृहद स्तर पर प्रति वर्ष मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में मनाया जाने वाला लोकपर्व ‘फुलदेई’ हमारी संस्कृति को उजागर करता है साथ ही यह पर्व पहाड़ की परंपराओं को भी कायम रखे हुए है।
‘‘फूलदेई छम्मा देई, दैणी द्वार भर भकार। यानी यह देहरी फूलों से सजी रहे। घर खुशियों से भरा हो। सबकी रक्षा हो। अन्न के भंडार सदैव भरे रहे। उत्तराखंड में इसे फूल संक्रांति के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन घरों की देहरी को फूलों से सजाया जाता है। घर-मंदिर की चौखट का तिलक करते हुए ’फूलदेई छम्मा देई’ कहकर मंगल कामना की जाती है।’’
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत भी उपस्थित थे।
लैंड बैंक के सम्बन्ध में शासन के उच्चाधिकारियों और सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में प्रदेश में लैंड बैंक के सम्बन्ध में शासन के उच्चाधिकारियों और सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सुनियोजित विकास के लिए प्रदेश में उपलब्ध सभी सरकारी भूमि और भवनों की जानकारी इसके लिए बनाए गए पोर्टल में अपलोड किया जाना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव ने कहा कि लैंड बैंक बन जाने से प्रदेश का बेहतर तरीके से विकास किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि विभागों की समीक्षाओं के दौरान यह प्रकाश में आया है कि विभिन्न विभाग अच्छे प्रस्ताव भी ला रहे हैं परन्तु विभाग सिर्फ अपने कब्जे की भूमि से बाहर अपनी योजनाओं को शुरू करने पर विचार नहीं करता। जबकि उसकी योजना के लिए बेस्ट सूटेबल स्थान किसी अन्य विभाग के कब्जे में है। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता उसकी लोकेशन और कनेक्टिविटी और अवसंरचनात्मक सुविधाओं पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के अंतर्गत भवन भी खाली पड़े हैं जो जानकारी के अभाव में अन्य विभागों द्वारा भी प्रयोग नहीं किए जा रहे हैं। पोर्टल पर इसकी जानकारी उपलब्ध होने से इन खाली पड़े भवनों का भी प्रयोग हो सकेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि एक पोर्टल में सभी भूमियों की जानकारी उपलब्ध रहने से किसी भी योजना को सफलतम तरीके से शुरू किया जा सकेगा। इसके लिए सभी विभाग अपने कब्जे के भूमि अथवा भवनों की जानकारी गूगल मैप नक्शे और लैटिट्यूड-लॉन्गिट्यूड के साथ इसके लिए बनाए गए पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी भूमियों पर अतिक्रमण पर भी नजर रखी जा सकेगी। सभी शहरों के जो मास्टर प्लान बनाए जा रहे हैं, उसके लिए भी यह लाभप्रद होगा, साथ ही यह राज्य की तस्वीर को एक बेहतर रूप में पूरी तरह से बदल देगा। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को जनपद स्तर पर सेंट्रलाइज्ड ग्रीन बिल्डिंग बनाए जाने की दिशा में भी कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों कर्मचारियों के एक जगह उपलब्ध होने से कार्य क्षमता बढ़ेगी। इससे समय की बरबादी भी रुकेगी और शहरों का कंजेशन भी कम होगा।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, डॉ. बी. वी.आर. सी. पुरुषोत्तम, श्री अरविंद सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं आयुक्त गढ़वाल एवं कुमायूं सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।
देवप्रयाग और ऋषिकेश के मध्य पौड़ी क्षेत्र से कनेक्टिविटी बढ़ाए जाने के सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और जिलाधिकारी पौड़ी के साथ बैठक आयोजित की।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में देवप्रयाग और ऋषिकेश के मध्य पौड़ी क्षेत्र से कनेक्टिविटी बढ़ाए जाने के सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और जिलाधिकारी पौड़ी के साथ बैठक आयोजित की।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी पौड़ी श्री आशीष चौहान उपस्थित थे।
महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ
हम उस संस्कृति के साधक हैं जहां पुरुष की परिकल्पना नारी के बिना अधूरी मानी जाती है। हमारे यहां जहां एक ओर अर्धनारीश्वर की पूजा की जाती है वहीं दूसरी ओर मां जगदम्बा को इस श्रृष्टि का मूल माना जाता है, यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अन्तर्गत महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ एवं ‘महिला भागीदारी को प्रोत्साहन’ में प्रतिभाग करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध होने वाली मानसिक और शारीरिक हिंसा की घटनाओं को सक्षम स्तर पर सूचित करते हुए रोकने का प्रयास करने वाले व्यक्ति को महिला सुरक्षा प्रहरी के रूप में जाना जाएगा तथा मुख्यमंत्री द्वारा ऐसे व्यक्ति या समूह को विशेष अवसरों पर सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने दूसरी घोषणा की कि समाज की कुरीति बाल विवाह की पूर्व सूचना पुलिस को देने वाले या रोकने का प्रयास करने वाले व्यक्ति या संस्था को दस हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा तथा इन कार्यों में विशेष योगदान देने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के ई-पेपर ‘अपनी वाणी’ का शुभारंभ किया एवं महिलाओं की आत्मरक्षा पर बनी लघु फिल्म का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह को रोकने एवं सामाजिक सरोकारों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखण्ड की समस्त नारीशक्ति को नमन करते हुए महिला सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसी समाज या राज्य की रीढ़, उसकी सशक्त महिलाएं ही हैं। यदि किसी राज्य की नारी शक्ति प्रगति कर रही है तो उस राज्य का विकास सुनिश्चित है, उसे कोई रोक नहीं सकता। उत्तराखण्ड के निर्माण में महिलाओं ने अपना विशेष योगदान दिया है। एक ओर जहां प्रदेश की मातृशक्ति ने पूरे समाज को विपरीत परिस्थितियों में जीना सिखाया, जूझना सिखाया, वहीं दूसरी ओर हर परिस्थिति में जीतना भी सिखाया है। राष्ट्र-निर्माण में महिलाएं, पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में कहा गया है जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। परंतु कालांतर में आक्रांताओं के प्रभाव के कारण समाज का महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदल गया,इसका परिणाम महिलाओं के साथ किए जाने वाले अपराधों के रूप में सामने आया। परंतु अब समय आ गया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के मन में भय पैदा किया जाय। ऐसे लोगों को ऐसा दंड मिले कि ऐसा घृणित अपराध करने से पहले इसके परिणाम के बारे में सोचकर उनकी रूह कांप जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र तथा राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए मिलकर सभी प्रकार के प्रयत्न कर रही हैं। महिलाओं को होम-मेकर के साथ - साथ नेशन-मेकर के रूप में आगे बढ़ना होगा, तभी सही अर्थों में राष्ट्र का विकास संभव हो पायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारा निरंतर प्रयास है कि महिलाओं के जीवन स्तर को जितना अधिक हो सके उतना ऊपर उठाया जा सके। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना‘, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूती प्रदान करने और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं। शिक्षा का क्षेत्र हो, खेल का क्षेत्र हो या फिर सामाजिक न्याय की बात हो, हर क्षेत्र में महिलाओं को शक्ति संपन्न बनाने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार द्वारा बनाई जाने वाली नीतियों में महिलाएं हमेशा प्राथमिकता पर रही हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा उज्ज्वला योजना चलाई जा रही है, इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 01 लाख 76 हजार अंत्योदय कार्डधारकों को साल में तीन गैस सिलिण्डर मुफ्त दिये जा रहे हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए मंत्र ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ‘ को लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रही है। हमारी बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ें, देश का नाम रोशन करें, यह हम सबका दायित्व है। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं की राह को आसान करने के लिए सरकार ‘जल जीवन मिशन‘ योजना पर तेजी से काम कर रही है। हमारा लक्ष्य 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार को मातृ शक्ति का आशीर्वाद एवं समर्थन चाहिए।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। बेटी के पैदा होने पर महालक्ष्मी किट दी जा रही है। 12वीं पास करने पर नंदा-गौरा योजना के तहत बेटियों को 51 हजार रूपये की धनराशि दी जा रही है। विभाग द्वारा अनेक योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के तहत विभाग द्वारा पूरे सप्ताह कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत आज महिला सुरक्षा एवं भागीदारी प्रोत्साहन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। द्वितीय दिवस में महिलाओं एवं बालिकाओं, विशेषकर अकुशल श्रमिक महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग के साथ समन्वयन कर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जायेगा। तृतीय दिवस मानव तस्करी एवं बाल विवाह निषेध सम्बंधित महत्वपूर्ण विषयों पर गृह विभाग के साथ समन्वयन कर जागरूकता अभियान चलाया जायेगा । चतुर्थ दिवस राज्य में संचालित सरकारी / निजी संस्थानों, प्रतिष्ठानों, उद्यमों, कार्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं विद्यालयों में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में गृह विभाग द्वारा “गौरा शक्ति एप“ एवं “कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न“ के कानूनी प्रावधानों से सम्बंधित जन-जागरूकता अभियान कार्यक्रम किया जायेगा। पंचम दिवस में परिवहन विभाग द्वारा सार्वजनिक यातायात के साधनों, यथा-बसों, ऑटो, टैक्सियों पर आपातकालीन नम्बर-112, महिला हैल्पलाईन नम्बर-1090, के साथ-साथ “मैं महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हूँ“ टैग लाईन का अंकन किया जायेगा। षष्ठम दिवस में महिला सशक्तिकरण हेतु अन्तर्विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में निराश्रित/एकल महिलाओं के उत्थान कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
इस अवसर पर विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव श्री एच.सी. सेमवाल, विशेष सचिव श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं मातृशक्ति मौजूद थे।

















