- मुख्यमंत्री ने किया 06 नये पुलिस थानों एवं 20 पुलिस चौकियों का उद्घाटन।
- राजस्व पुलिस व्यवस्था की जगह इन क्षेत्रों में की गई नियमित पुलिस की व्यवस्था।
- सचिवालय से मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकास एवं व्यवस्थाओं में परिवर्तन के साथ राज्य के जिन क्षेत्रों में राजस्व पुलिस की जगह पर नियमित पुलिस की आवश्यकता हो रही है, उनमें चरणबद्ध तरीके से नियमित पुलिस की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन से समृद्धि के मार्ग को प्रशस्त करने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। पुलिस व्यवस्था राज्य की कानून व्यवस्था का दर्पण होती है। सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को बनाने की पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को सुधारने की हमेशा गुंजाइश होती, इस दिशा में उत्तराखण्ड पुलिस को निरन्तर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की यह भी बड़ी जिम्मेदारी है कि समाज के अच्छे लोगों का उन पर विश्वास बढ़े और आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को पुलिस का डर भी हो। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाये रखने की पुलिस पर बड़ी जिम्मेदारी होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के अधिकारियों को अपने नियमित कार्यों के अलावा जनहित से जुड़े विषयों पर लगातार कार्य करना होगा। अपने कार्यों के साथ ही हम समाज सेवा के कार्य करते हैं, तो यह हमारे लिए उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री राज्य बनाने, स्वच्छता अभियान, एवं सामाजिक सरोकारों के अन्य कार्यों में भी उत्तराखण्ड पुलिस को लगातार कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल से पुलिस के प्रति लोगों का दृष्टिकोण बदला है। विपरीत परिस्थितियों में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा समाज सेवा के लिए जो कार्य किये गये वह सराहनीय है। हमें आगे भी हर क्षेत्र में इसी मनोयोग से कार्य करना होगा।
इस अवसर पर विधायक श्रीमती शैलारानी रावत, श्रीमती रेनू बिष्ट, श्री सुरेश सिंह चौहान, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक कुमार, पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, वर्चुअल माध्यम से विधायक राम सिंह कैड़ा, श्री अनिल नौटियाल, श्री भूपाल राम ट्म्टा, श्री महेश जीना, आयुक्त गढ़वाल श्री सुशील कुमार एवं संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी एवं एसएसपी उपस्थित थे।

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